Category: कहानियाँ

April 20, 2026
Queue - एक कतार

कृपया प्रतीक्षा करें, आप कतार में हैं….. लाउडस्पीकर की यह ठंडी, मशीन जैसी आवाज़ राघव के कानों में पिछले पैंतालीस मिनट से गूंज रही थी। वह बैंक की लाइन में खड़ा था, हाथ में फॉर्म, जेब में अधूरी उम्मीदें और दिमाग में पूरी जिंदगी का हिसाब-किताब। उसने आगे खड़े आदमी को देखा, जो हर पाँच […]

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April 18, 2026
पलटू राम

धर्मपुर गाँव में गौरव को उसके असली नाम से लगभग कोई भी नहीं बुलाता था; अगर आप यह सोच रहे हैं कि लोग उसे इस वजह से ज्यादा इज्जत देते थे, तो ऐसा बिल्कुल नहीं था, बल्कि सच्चाई यह थी कि उसका नाम तो पूरे गाँव ने मिलकर रख दिया था, पलटू राम। पलटू राम […]

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April 17, 2026
जब ओले गिरे जून में

वैसे तो राहुल को गर्मी का मौसम बड़ा अच्छा लगता था, क्योंकि ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाने को मिल जाती थी। पर उसका बाहर जाकर खेलना भी तो कम हो जाता था, क्योंकि मम्मी पूरा दिन यही कहती रहती थीं, “लू लग जाएगी।” अब गर्मियों की छुट्टियों में पूरा दिन घर पर भी तो नहीं बैठा जा […]

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April 16, 2026
नानू का हेयरकट

आज का दिन नानू के लिए बहुत ख़ास था, सुबह से ही कुछ अलग ही समां घर में दिख रहा था जैसे पता नहीं कोई खुशी की बात हो। रोज़ की तरह नानी सुबह-सुबह चाय की चुस्कियां ले रही थीं, और नानू की खुशी का राज तो वो भली-भांति जानती थीं, आख़िर छः महीने से […]

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April 15, 2026
मन्नू की टोपी

मकान नं. 14/230 के बाहर आज कुछ ज़्यादा ही चहल-पहल थी। ऐसा लग रहा था जैसे मोहल्ले का वाई-फाई यहीं से फ्री में मिल रहा हो, हर कोई जुड़ा हुआ, हर कोई अपडेट ले रहा। रामवती ने पल्लू संभालते हुए फिर पूछा, “तैयार है ना तू?” मन्नू ने आईने में खुद को देखते हुए छाती […]

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April 14, 2026
लाल आम, पीला तरबूज़

गरीबी और संघर्ष के बीच पला-बढ़ा छोटा किरण अपनी मासूमियत और संतोष से जीवन की बड़ी सच्चाई सिखाता है। एक नई किताब, एक चॉकलेट और मां का प्यार—इन्हीं छोटी खुशियों में छिपा है असली सुख और सकारात्मक जीवन का संदेश।

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April 13, 2026
कहानी पगडंडी की

गाँव में पगडंडी से डामर की सड़क तक के बदलाव की कहानी, जो विकास और पुरानी यादों के बीच छिपे जीवन के गहरे सवालों को उजागर करती है।

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April 11, 2026
जाने भी दो यारों…

बारिश भरी एक शाम में दो पुराने दोस्तों के बीच अधूरी बातों, रिश्तों की उलझनों और “जाने भी दो यारों” के असली मतलब की खोज—एक ऐसी कहानी, जहाँ सुकून, इंतज़ार और अनकहे जज़्बात साथ चलते हैं।

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April 10, 2026
इनाम का चस्का

बरगद के पुराने पेड़ पर हर सुबह चहचहाहट का एक मेला लगता था। चिड़ियों का झुंड पास के खेतों से दाने चुगकर लौटता, और फिर दिन भर अपने-अपने काम में लग जाता। उनमें एक चतुर गौरैया थी, छोटी, फुर्तीली, और कुछ अलग तरह की सोच रखने वाली। एक दिन गाँव के बूढ़े किसान ने अपने […]

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