Category: साहित्य, कला और संस्कृति

August 25, 2025
गणेश जी की सवारी मूषक क्यों? जानें इसके पीछे का रहस्य और जीवन की सीख

गणपति बप्पा मोरया! जब यह जयघोष गूंजता है, तो समझ लीजिए खुशियों का सबसे खास त्योहार आ गया है गणेश चतुर्थी।हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि श्रद्धा, उल्लास, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। आज भारत ही […]

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February 24, 2025
शिव की आराधना कैसे करें

समय को बाँधता मैं हूँ,अहंकार का नाश मैं हूँ,सृष्टि की रचना मैं हूँ,जीवन का संचार मैं हूँ। काल का काल मैं हूँ,शून्य का सार मैं हूँ,निराकार मैं हूँ,अनंत में मैं हूँ। तुम्हारे अंतर्मन में मैं हूँ,तुम्हारे हर प्रयत्नों में मैं हूँ,हां, मैं शिव हूँ,मुझे ढूंढो, मुझे समझो,मैं ही तुम हूँ, तुम ही मैं हूँ। हाँ, […]

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January 30, 2025
बसंत पंचमी पर कविता

बसंत पंचमी का त्यौहार भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व सर्दी के मौसम के समाप्त होने और गर्मी की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही, यह ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के पूजा का दिन भी है। बसंत पंचमी का महत्व केवल मौसम बदलने के रूप में नहीं है, बल्कि यह […]

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March 5, 2024
शिव कौन हैं? शिव का अर्थ क्या है?

न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दु:खं न मन्त्रो न तीर्थं न वेदो न यज्ञः |अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानन्द रूप: शिवोऽहं शिवोऽहम् || अर्थात: न मैं पुण्य हूँ, न पाप, न सुख और न दुःख, न मन्त्र, न तीर्थ, न वेद और न यज्ञ, मैं न भोजन हूँ, न खाया जाने […]

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February 13, 2024
सरस्वती माता को वाणी की देवी क्यों कहते हैं?

हमारी प्रकृति अद्भुत है, अनोखी है अनमोल है जो हमें मोहित कर देती है | प्रकृति के बीच मन शांत और ताज़ा महसूस करता है। चिड़ियों के कलरव, कल कल करती नदियां, हवाओं की साएं साएं , फूलों पर भिनभिनाता भौंरा, या तालाब में किनारे टर्र-टर्र करते मेंढक, प्रकृति की हर रचना अपनी एक अद्वितीय […]

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