Category: कहानियाँ

February 10, 2026
Short Story in Hindi - बिन कहे

ज़रूरी नहीं कि हर कहानी शब्दों से शुरू हो। कुछ कहानियाँ एक नज़र, एक ठहराव, और दिल की हल्की सी हलचल से जन्म लेती हैं। यह कहानी भी वैसी ही है, जहाँ ख़ामोशी ने बात की, दूरी ने क़रीबी सिखाई, और बिना कहे ही एक एहसास हमेशा के लिए रह गया। बिन कहे वो रोज़ […]

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August 14, 2025
काजल की डिबिया: स्वतंत्रता दिवस की प्रेरक कहानी

14 अगस्त 1949 की शाम थी। गाँव में एक अलग-सी हलचल थी। अगले दिन भारत का दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था। स्कूल में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर थीं। बच्चों के चेहरों पर चमक थी, लेकिन एक छोटी लड़की, वीराली, के मन में एक अजीब-सी खामोशी थी। वीराली आज़ादी की कीमत […]

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May 19, 2025
अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस - आधी प्याली चाय - कहानी

खिड़की के पास बैठी ललिता की आंखों में हल्की सी चमक थी। सामने प्याली में बची आधी चाय से उठती हल्की भाप में जैसे कोई पुरानी याद घुल रही थी। वो चुपचाप उस प्याली को देख मुस्कुरा रही थी, लेकिन उस मुस्कान में गहराई थी, एक बचपन के एहसास की। दिव्या बिस्किट की ट्रे लेकर […]

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October 29, 2023
लाल आम, पीला तरबूज़

किरण भागता-भागता घर आया और अपनी माँ की ओर आश्रय से देखने लगा, जैसे कुछ बताना चाहता हो। "क्या हुआ मेरे राजा बेटे को", पूछती हुई सुनीता आटा लगाने लगी और उसी में कल की बची हुई सब्जी डाल दी। किरण ने झट से अपने स्कूल के बस्ते से एक नई किताब निकाली। किरण आगे […]

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August 20, 2023
मोह के धागे

"सुबह सुबह अदरक वाली चाय का स्वाद ही कुछ और है", किशोर के हाथों में चाय का प्याला आते ही होटों पर जैसे मुस्कुराहट छा गई। "हर सुबह बस यही बोलते हो", मालती अपनी चाय के प्याले को ट्रे से उठाने के लिए बढ़ी। "सच ही तो है, जब तक अदरक वाली चाय न मिले […]

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April 11, 2023
अनोखी जोड़ी

"बहुत खूब! गरमागरम चाय के लिए मौसम एकदम सही है", सुधा ने दिशा को शाम के नाश्ते के लिए बालकनी में बुलाया और दिशा की पसंदीदा चीजों की ट्रे बालकनी में रख दी। "मिट्टी की सुगंध और पानी की बौछारों की आवाज बहुत ही उम्दा है", सुधा के बगल में सावधानी से बैठते हुए दिशा […]

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August 5, 2022
सबसे बड़ी भूख

सुबह की सुहावनी धूप में कीर्ति चाय की चुस्कियाँ ले रही थी। यह समय उसके लिए बहुमूल्य था, वकालत की दौड़-भाग को भूल कुछ क्षण अपने लिए चुरा लिया करती थी। कीर्ति को विष्णु की गुहार सुनाई दी। “आज नंदा का बेटा इस समय यहाँ कैसे?”, चाय का प्याला हाथ में लिए आँगन की और […]

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July 20, 2022
पकड़ा गया ख़ुशबू चोर !

इस कहानी को पढ़ने से पहले इसके भाग १ - ख़ुशबू चोर का आनंद लेने के लिए यहाँ जाएँ। सरला अब उस बात का आनंद ले रही थी और कहा ‘तू ख़ुद ही देख लेना जब तू शनिवार को आदि बाबा के जनमदिन में आएगा “ | “हाँ, शनिवार को है उसका बर्थ्डे, बताय था […]

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July 12, 2022
ख़ुशबू चोर

‘सरला दाल में तड़का वैसे ही लगाना जैसे तुमने पिछले हफ़्ते लगाया था’, भीतर कमरे से आवाज़ आयी। जी भाभी, वैसे ही लगा दूँगी। सरला भी किचन से ही बोल पड़ी। सरला जब सारा खाना काँच के बर्तनों में डाल चुकी थी और किचन को सही से कर रही थी आचानक देखती है कि भाभी […]

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