Archives

April 1, 2024
प्रकृति - प्रेरणा का स्त्रोत

प्रकृति को किसी एक तरह से परिभाषित नहीं किया जा सकता। पानी की गहराई और ऊंचाई, पशु-पक्षियों में विचित्रता, गन्ने में मिठास और नीम में कड़वापन यह सबकुछ प्रकृति के द्वारा दिए गए स्वभाव हैं। प्रकृति की भिन्न भिन्न रचनाओं को अगर हम प्रेरणा के स्त्रोत बना ले तो हमें अपने सारे प्रश्नों के हल […]

Read More
March 5, 2024
शिव कौन हैं? शिव का अर्थ क्या है?

न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दु:खं न मन्त्रो न तीर्थं न वेदो न यज्ञः |अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानन्द रूप: शिवोऽहं शिवोऽहम् || अर्थात: न मैं पुण्य हूँ, न पाप, न सुख और न दुःख, न मन्त्र, न तीर्थ, न वेद और न यज्ञ, मैं न भोजन हूँ, न खाया जाने […]

Read More
February 13, 2024
सरस्वती माता को वाणी की देवी क्यों कहते हैं?

हमारी प्रकृति अद्भुत है, अनोखी है अनमोल है जो हमें मोहित कर देती है | प्रकृति के बीच मन शांत और ताज़ा महसूस करता है। चिड़ियों के कलरव, कल कल करती नदियां, हवाओं की साएं साएं , फूलों पर भिनभिनाता भौंरा, या तालाब में किनारे टर्र-टर्र करते मेंढक, प्रकृति की हर रचना अपनी एक अद्वितीय […]

Read More
February 4, 2024
जानिए परीक्षा पे चर्चा में क्या सलाह दी प्रधानमंत्री ने

कभी-कभी बातचीत से ही कई कठिनाइयों के हल निकल आते हैं। आपस में चर्चा करके, एक दूसरे के अनुभव से प्रेरणा लेकर चुनौतियों पर विजयी प्राप्त किया जा सकता है। एक सकारात्मक संवाद ज्ञान के भंडार खोल देते हैं। परीक्षाएँ व्यक्तित्व का विकास करती हैं: परीक्षा हर विद्यार्थी के जीवन का अहम हिस्सा है। परीक्षाएँ […]

Read More
December 31, 2023
नया सवेरा, नई उम्मीद - कविता

सारे खेल आज ख़त्म हुए,जा बैठा राजू टक टकी लगाए,गली के किनारे, अपने बाबा के,इंतजार में दूर दूर तक निगाहें टिकाए। बाबा के इंतज़ार में अब भूख़ का है ज़ोर।क्या हो जाएगी आज फिर बिन मिले ही भोर।क्या माँ से पूछूँ या करूँ थोड़ा और इंतज़ार?नन्हे मन में आज उमड़े प्रश्नों के गुबार। विचलित मन […]

Read More
October 29, 2023
लाल आम, पीला तरबूज़

किरण भागता-भागता घर आया और अपनी माँ की ओर आश्रय से देखने लगा, जैसे कुछ बताना चाहता हो। "क्या हुआ मेरे राजा बेटे को", पूछती हुई सुनीता आटा लगाने लगी और उसी में कल की बची हुई सब्जी डाल दी। किरण ने झट से अपने स्कूल के बस्ते से एक नई किताब निकाली। किरण आगे […]

Read More
October 1, 2023
गांधी जी और शास्त्री जी के प्रेरणादायक सिद्धांत

सरल व्यक्तित्व, सादा जीवन, कठिन परिश्रमी और शान्ति के दूत; जी हां यह कोई और नहीं बल्कि हमारे अपने गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी हैं जिनकी विचारधारा आज तक सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। सरल जीवन, उच्च विचार,कांपे अंग्रेज सुन शान्ति की ललकार।देश के आगे और कुछ न सूझा,लहराया विजयी पताका […]

Read More
September 21, 2023
सर्वव्याप्त

विचारों के मंच में आप सभी का स्वागत है!! आपको बता दें कि यह मंच हमारी एक पहल है हिंदी भाषा के अनूठे स्वरुप को समक्ष लाने की। और इसीलिए अगर आप हिंदी लेखन में रूचि रखते हैं तो हमें आपकी स्वरचित रचनाएं जरूर भेजें और हम आपकी रचनाओं को हमारे ब्लॉग पर प्रकाशित करेंगे। […]

Read More
September 14, 2023
धूपछांव विचारों का मंच - हिन्दी दिवस

अभिव्यक्ति का परचम हिन्दी, संस्कृति की जननी हिन्दी, निश्चल और निराली हिन्दी, अंतर्मन की तस्वीर हिन्दी | अपनी भाषा करो अपनी भाषा पर प्यार।जिसके बिना मूक रहते तुम,रुकते सब व्यवहार। जिसमें पुत्र पिता कहता है, पत्नी प्राणाधार,और प्रकट करते हैं जिसमें तुम निज निखिल विचार। बढ़ाओ बस उसका विस्तार।करो अपनी भाषा पर प्यार। भाषा बिना […]

Read More
1 … 3 4 5 6 7 … 9
linkedin facebook pinterest youtube rss twitter instagram facebook-blank rss-blank linkedin-blank pinterest youtube twitter instagram