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February 10, 2026
Short Story in Hindi - बिन कहे

ज़रूरी नहीं कि हर कहानी शब्दों से शुरू हो। कुछ कहानियाँ एक नज़र, एक ठहराव, और दिल की हल्की सी हलचल से जन्म लेती हैं। यह कहानी भी वैसी ही है, जहाँ ख़ामोशी ने बात की, दूरी ने क़रीबी सिखाई, और बिना कहे ही एक एहसास हमेशा के लिए रह गया। बिन कहे वो रोज़ […]

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August 25, 2025
गणेश जी की सवारी मूषक क्यों? जानें इसके पीछे का रहस्य और जीवन की सीख

गणपति बप्पा मोरया! जब यह जयघोष गूंजता है, तो समझ लीजिए खुशियों का सबसे खास त्योहार आ गया है गणेश चतुर्थी।हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि श्रद्धा, उल्लास, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। आज भारत ही […]

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August 14, 2025
काजल की डिबिया: स्वतंत्रता दिवस की प्रेरक कहानी

14 अगस्त 1949 की शाम थी। गाँव में एक अलग-सी हलचल थी। अगले दिन भारत का दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था। स्कूल में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर थीं। बच्चों के चेहरों पर चमक थी, लेकिन एक छोटी लड़की, वीराली, के मन में एक अजीब-सी खामोशी थी। वीराली आज़ादी की कीमत […]

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June 15, 2025
फादर्स डे कविता - बाबा का गमछा

पिता — एक ऐसा शब्द जिसमें पूरे जीवन की मजबूत नींव समाई होती है। उनके साये में हम ना जाने कब बड़े हो जाते हैं, लेकिन उनके छोटे-छोटे संकेत, उनकी आदतें, और उनकी निशानियाँ जीवन भर हमारे साथ रहती हैं। ऐसी ही एक निशानी है — बाबा का गमछा।आज, फादर्स डे पर, उन्हीं अनकहे जज़्बातों […]

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May 19, 2025
अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस - आधी प्याली चाय - कहानी

खिड़की के पास बैठी ललिता की आंखों में हल्की सी चमक थी। सामने प्याली में बची आधी चाय से उठती हल्की भाप में जैसे कोई पुरानी याद घुल रही थी। वो चुपचाप उस प्याली को देख मुस्कुरा रही थी, लेकिन उस मुस्कान में गहराई थी, एक बचपन के एहसास की। दिव्या बिस्किट की ट्रे लेकर […]

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February 24, 2025
शिव की आराधना कैसे करें

समय को बाँधता मैं हूँ,अहंकार का नाश मैं हूँ,सृष्टि की रचना मैं हूँ,जीवन का संचार मैं हूँ। काल का काल मैं हूँ,शून्य का सार मैं हूँ,निराकार मैं हूँ,अनंत में मैं हूँ। तुम्हारे अंतर्मन में मैं हूँ,तुम्हारे हर प्रयत्नों में मैं हूँ,हां, मैं शिव हूँ,मुझे ढूंढो, मुझे समझो,मैं ही तुम हूँ, तुम ही मैं हूँ। हाँ, […]

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January 30, 2025
बसंत पंचमी पर कविता

बसंत पंचमी का त्यौहार भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व सर्दी के मौसम के समाप्त होने और गर्मी की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही, यह ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के पूजा का दिन भी है। बसंत पंचमी का महत्व केवल मौसम बदलने के रूप में नहीं है, बल्कि यह […]

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September 14, 2024
हिंदी: केवल भाषा नहीं, एक भावनात्मक अभिव्यक्ति

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना है जो हमारे अस्तित्व को संतुष्टि और शांति प्रदान करती है। आज की तेज़-रफ़्तार और तकनीकी प्रगति के युग में, क्या हम सच में हिंदी भाषा का सही ढंग से प्रयोग कर रहे हैं? और यदि कर रहे हैं, तो क्या यह पर्याप्त है? यह सवाल […]

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August 15, 2024
सन्नाटे में शोर - कविता

आज आज़ादी के उत्सव पर मन प्रश्नों में डूबा था। जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आर्थिक स्थिरता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अपमानजनक व्यवहार उनके जीवन को संकट में डाल रहे हैं। देश की प्रगति में नारी का भी उतना ही हाथ है जितना […]

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