Category: कविताएँ

June 15, 2025
फादर्स डे कविता - बाबा का गमछा

पिता — एक ऐसा शब्द जिसमें पूरे जीवन की मजबूत नींव समाई होती है। उनके साये में हम ना जाने कब बड़े हो जाते हैं, लेकिन उनके छोटे-छोटे संकेत, उनकी आदतें, और उनकी निशानियाँ जीवन भर हमारे साथ रहती हैं। ऐसी ही एक निशानी है — बाबा का गमछा।आज, फादर्स डे पर, उन्हीं अनकहे जज़्बातों […]

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January 30, 2025
बसंत पंचमी पर कविता

बसंत पंचमी का त्यौहार भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व सर्दी के मौसम के समाप्त होने और गर्मी की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही, यह ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के पूजा का दिन भी है। बसंत पंचमी का महत्व केवल मौसम बदलने के रूप में नहीं है, बल्कि यह […]

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August 15, 2024
सन्नाटे में शोर - कविता

आज आज़ादी के उत्सव पर मन प्रश्नों में डूबा था। जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आर्थिक स्थिरता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अपमानजनक व्यवहार उनके जीवन को संकट में डाल रहे हैं। देश की प्रगति में नारी का भी उतना ही हाथ है जितना […]

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April 1, 2024
प्रकृति - प्रेरणा का स्त्रोत

प्रकृति को किसी एक तरह से परिभाषित नहीं किया जा सकता। पानी की गहराई और ऊंचाई, पशु-पक्षियों में विचित्रता, गन्ने में मिठास और नीम में कड़वापन यह सबकुछ प्रकृति के द्वारा दिए गए स्वभाव हैं। प्रकृति की भिन्न भिन्न रचनाओं को अगर हम प्रेरणा के स्त्रोत बना ले तो हमें अपने सारे प्रश्नों के हल […]

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December 31, 2023
नया सवेरा, नई उम्मीद - कविता

सारे खेल आज ख़त्म हुए,जा बैठा राजू टक टकी लगाए,गली के किनारे, अपने बाबा के,इंतजार में दूर दूर तक निगाहें टिकाए। बाबा के इंतज़ार में अब भूख़ का है ज़ोर।क्या हो जाएगी आज फिर बिन मिले ही भोर।क्या माँ से पूछूँ या करूँ थोड़ा और इंतज़ार?नन्हे मन में आज उमड़े प्रश्नों के गुबार। विचलित मन […]

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September 21, 2023
सर्वव्याप्त

विचारों के मंच में आप सभी का स्वागत है!! आपको बता दें कि यह मंच हमारी एक पहल है हिंदी भाषा के अनूठे स्वरुप को समक्ष लाने की। और इसीलिए अगर आप हिंदी लेखन में रूचि रखते हैं तो हमें आपकी स्वरचित रचनाएं जरूर भेजें और हम आपकी रचनाओं को हमारे ब्लॉग पर प्रकाशित करेंगे। […]

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August 5, 2023
मित्रता दिवस पर कविता - मैंने दोस्ती कर ली

आत्मविश्वासके बादलों पर सवार,अपनी उम्मीदों से,आज मैंने दोस्ती कर ली। आशावादी मनपंछी बन भरे उड़ान,अपने सपनों से,आज मैंने दोस्ती कर ली। कठिन पथविश्वास की बूंदों से तृप्त,अपनी क्षमताओं से.आज मैंने दोस्ती कर ली। कड़ी मेहनतकी अग्नि में तप कर,अंतर्मन की गूंज से,आज मैंने दोस्ती कर ली। शब्दों के सीपगहराइयों से समेट कर,लेखन की शक्ति से,आज […]

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June 28, 2023
कुछ तो है…

कविता - आपने कई बार अनुभव किया होगा एक ऐसी शक्ति जो जाने कहाँ से आप में नई ऊर्जा भर देती है। क्या आप भी मानते हैं कि ऐसा कुछ तो है जो हमारे साथ है, जो हमें पूर्ण करता है, जो हमें निरंतर सिखाता रहता है। हाँ, कुछ तो है….

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June 13, 2023
बाल श्रम निषेध दिवस - कविता

जहाँ होनी थी बेफिक्री सी जिंदगी,वहाँ ठानी कमाने अनमोल रोटी। जहाँ एक एक पल बिताना था खेल में,वहाँ झोंक दिया बचपन काम की व्यस्तता में। जिन हाथों में कलम थी पकड़ानी,वहाँ इन्होंने पकड़ा दी जीवन की अनगिनत परेशानी। जहाँ लाड़ के स्वर पड़ने थे कानों में,वहाँ हर ओर थी डांट डपट की पुकारें। जहाँ बालपन […]

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