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August 10, 2022
बच्चों में देश भक्ति की भावना जगाने के 6 तरीके

विविध संस्कृतियों का तालमेल, समृद्ध विचारधारा , मूल्यवान इतिहास, बहादुर लोग, विविध प्राकृतिक संसाधन, पारम्परिक रंगों से सजा पहनावा, भव्य विरासत, बहुआयामी व्यंजन इत्यादि उपरोक्त पंक्तियों को सुनकर हम अपने देश भारत से बहुत आसानी से जोड़ देते हैं। भारतीय संस्कृतियों और मूल्यों की यह भव्यता हर पीढ़ी को पता होनी चाहिए और यह तब […]

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August 5, 2022
सबसे बड़ी भूख

सुबह की सुहावनी धूप में कीर्ति चाय की चुस्कियाँ ले रही थी। यह समय उसके लिए बहुमूल्य था, वकालत की दौड़-भाग को भूल कुछ क्षण अपने लिए चुरा लिया करती थी। कीर्ति को विष्णु की गुहार सुनाई दी। “आज नंदा का बेटा इस समय यहाँ कैसे?”, चाय का प्याला हाथ में लिए आँगन की और […]

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July 28, 2022
अगर जीवन में डिलीट बटन होता!

काश मैं उस जली हुई दाल को ठीक कर पाती। काश उस दोस्त का दिल नहीं दुखाया होता। मुझे इस तरह के बोल नहीं बोलने चाहिए थे। काश सारी गलतियाँ करी ही न होती। क्या ऐसे विचार कभी आपके भी मन में उत्पन्न हुए हैं? यह सामान्य बात है, मनुष्य गलतियों को देख कर उस […]

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July 20, 2022
पकड़ा गया ख़ुशबू चोर !

इस कहानी को पढ़ने से पहले इसके भाग १ - ख़ुशबू चोर का आनंद लेने के लिए यहाँ जाएँ। सरला अब उस बात का आनंद ले रही थी और कहा ‘तू ख़ुद ही देख लेना जब तू शनिवार को आदि बाबा के जनमदिन में आएगा “ | “हाँ, शनिवार को है उसका बर्थ्डे, बताय था […]

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July 12, 2022
ख़ुशबू चोर

‘सरला दाल में तड़का वैसे ही लगाना जैसे तुमने पिछले हफ़्ते लगाया था’, भीतर कमरे से आवाज़ आयी। जी भाभी, वैसे ही लगा दूँगी। सरला भी किचन से ही बोल पड़ी। सरला जब सारा खाना काँच के बर्तनों में डाल चुकी थी और किचन को सही से कर रही थी आचानक देखती है कि भाभी […]

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July 5, 2022
संतुष्ट मन

संतुष्ट मन सबसे बड़ा वरदान है जिसमें जीवन की सारी खुशियाँ छुपी हैं। किस्से जो परिवर्तन की लहर आपके अंदर उत्पन्न करें वे बहुत खास होते हैं। हम उन्हें कभी भूल नहीं पाते और वे हमारे प्रेरणा का स्त्रोत बन जाते हैं। ऐसा ही एक किस्सा आज आपके साथ साझा करना चाहती हूँ । एक […]

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June 16, 2022
समीक्षा का अर्थ क्या है? समीक्षा करने की सीमा कहाँ खीचें?

समीक्षा का अर्थ है कुछ निष्कर्ष तक पहुंचना, जहाँ हम अपने आप से तर्क वितर्क कर कुछ समाधान एकजुट करते हैं। समीक्षा एक प्रश्नावली है अपने आप से जो विभिन्न तत्वों को जोड़ती है।. आइए इस लेख के जरिए जानें समीक्षा का उद्देश्य क्या है? और समीक्षा करने की सीमा कहाँ खींचें? "नेहा, तुम कल […]

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May 26, 2022
विचार -  जीवन की नींव

सकारात्मक विचारों के बुलबुलों को उठने दें, फिर देखें कैसे यह छोटी - छोटी बूंदे हमारी खुशियों का सागर बन जाती है | हम हमारे जीवन में ऐसी कई चीज़ों को देखते हैं, समझते हैं और यहाँ तक कि हम अपने आस पास के लोगों की कई बातों से प्रभावित भी होते हैं| लेकिन कभी […]

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May 9, 2022
माँ ऐसी क्यूँ होती है?

माँ हमारा व्यक्तित्व संवारती है, कभी बच्चों का हाथ थाम कर तो कभी अपने सहारे ही डोर खींच कर। आखिर "माँ तो माँ होती है "!! माँ ऐसी क्यूँ होती है? कुछ समझ आतीऔर कुछ बातें अनोखी कर जाती ।माँ सिखलाती हमें जीवन के अनेकों रंग,समय समय पर खींच कर अपने सहारे का संग। माँ […]

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