हर कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है उसकी सही समय पर शुरुआत, क्योंकि कोई भी कार्य जबतक सफल नहीं होता जब तक वह प्रारम्भ न हो। यह वाक्य जितना अटल है उतना ही गहरा भी।
नई शुरुआत के लिए मनुष्य कई प्रयत्न करता है, योजना बनाता है और मस्तिष्क एवं मन से बहुत सारे निर्णय भी लेता है। आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि नव काम में मेहनत के साथ साथ हिम्मत की भी बहुत आवश्यकता होती है। आईये आज हम जानें कि नई शुरुआत का हमारे जीवन में क्या महत्व है।

कोई भी काम शुरू करने से, हमारे जीवन में उमंग का आगमन होता है। मनुष्य सभी प्रकार के दुःख को पीछे छोड़ देता और उम्मीद के साथ अपने भविष्य को देखने लगता है। कार्य का बड़ा होना ज़रूरी नहीं है, कोई छोटा सा काम भी आपको खुश कर देता है। आप यह पाएँगे कि दिन चर्या में छोटा सा परिवर्तन भी नई ऊर्जा भर देता है, जैसे पुस्तक पढ़ना या खान पान में बदलाव लाना।
यह ज़रूरी नहीं की आपको आपके पहले काम में ही सफलता प्राप्त होगी परंतु आपने इतनी हिम्मत जुटाई और कुछ करने के लिए अपने मन को दृढ़ बनाया यह बहुत बड़ी बात है। सोचने से दुनिया में बदलाव आता है परंतु कार्य करने से खुद में और दुनिया में दोनो जगह बदलाव की लहरें जन्म लेती हैं। और इसी तरह आपने अपने डर को हराकर कार्य करने की जीत को हासिल किया है।
काम की नई शुरुआत यह दर्शाती है कि आपने अपने सपनों की ओर पहला कदम रखा है। आपकी एकाग्रता और समझदारी से आपने अपने कदम नई दिशा की ओर मोड़े है। ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास मज़बूत होता है और जीवन में हर दिन एक नया जोश भर जाता है। जैसे बच्चा पहला कदम लेकर बहुत प्रसन्न होता है और हर कदम उसी मुस्कान के साथ लेता है, बिल्कुल इसी प्रकार से हमें भी अपने पहले कदम को हँसते हुए लेना चाहिए और उसके आगे भी उम्मीद का दामन पकड़े आगे बढ़ते रहना चाहिए।
जबतक हम कोई काम नहीं करते हमें यह नहीं पता होता कि हम उसे करने के योग्य है या नहीं। इसका एक ही हल है उस काम को करना। मनुष्य कोई भी काम करने से पहले घबराता है पर हिम्मत जुटा कर जब उसे करता है तो खूद ही ताज्जुब करता है अपनी क्षमताओं पर। जैसे अक्सर अकेले यात्रा करना, या पहली बार वाहन चलाना बहुत कठिन लगते है परंतु जब आप एक बार इन्हें करते है तो आपका आत्मविश्वास बहुत ऊँचा हो जाता है।
काफ़ी बार ऐसा होता है की हम सही समय का इंतज़ार करते रहते हैं और अपने काम को टालते रहते है यह सोचकर कि अभी सही समय नहीं आया है। परंतु ऐसा होता नहीं है, हमें सही समय स्वयं बनाना पड़ता है और मन में विश्वास रख कर आगे बढ़ना पढ़ता है।
हम प्रतिदिन एक ही प्रकार की दिनचर्या से ऊब जाते हैं और वही कार्य को निरंतर करने से कतराते हैं । जीवन में अगर थोड़ा सा भी नयापन आप जोड़ दें तो दिन बहुत ही रोचक हो जाता है। जैसे उदाहरण के तौर पर कमरे में चीजों की जगह बदल देना या नए तरह की चाय पीना या फिर नई क्रिया का करना – सैर पर जाना इत्यादि। यह सभी काम आपके जीवन में नयेपन को बनाए रखते हैं।

हर कार्य को प्रारम्भ करने से भी ज्यादा जरूरी है खुद पर विश्वास रखना और अच्छी सोच को अपना साथी बनाना। नई शुरुवात के अंकुर को अपनी लगन से सींचकर ही हम अपनी मंज़िल पा सकते हैं। हमारे छोटे छोटे प्रयास हमें अग्रसर करते हैं नई पहचान की ओर, नई उमंगों की ओर, नए विश्वास की ओर। तो देखिए और पहचानिए उन क्रियाओं को जिसको कभी आपने सम्पन्न करने का सोचा या खोलिये अपने सपनों के पिटारों को क्योंकि वहीं छुपी है आपके नई शुरुआत की पहली कड़ी।
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