सकारात्मक विचारों के बुलबुलों को उठने दें, फिर देखें कैसे यह छोटी - छोटी बूंदे हमारी खुशियों का सागर बन जाती है |
हम हमारे जीवन में ऐसी कई चीज़ों को देखते हैं, समझते हैं और यहाँ तक कि हम अपने आस पास के लोगों की कई बातों से प्रभावित भी होते हैं| लेकिन कभी आपने सोचा है कि एक परिस्थिति में दो मनुष्य अलग अलग विचारधारा से क्यों सोचते हैं? और उनके कार्य कभी थोड़े अलग तो कभी बिल्कुल ही विपरीत क्यो होते हैं?
हम हमारे जीवन में जिस प्रकार का स्वभाव रखते हैं या जो एक्शन प्लान सोचते है वो भी हमारे विचारों से ही जुड़ा होता है। ऐसी बहुत चीज़ें हैं जिसपर हमारे विचार निर्भर करते हैं| हमें जीवन मैं किस मोड़ पर मुड़ना है या किस रास्ते पर चलना है इसका मार्गदशक हमारे विचार ही तो हैं |
अगर हम सकारात्मक विचार से दिन की शुरुआत करते है तो दिन भी मंगलमय होता है। सही शुरुआत ही सही रास्ता तय करता है। दिन मुस्कान से शुरू करने से आपके सभी काम भी सफलतापूर्वक होते है और कोई भी कठिनाई आने पर आप घबराते नहीं परंतु बहुत ही सूझबूझ से उसका सामना करते है।
सदैव कार्य शुरू करने से पहले एक लम्बी गहरी सांस लेकर उसे आरम्भ करें, जब हम कार्य को संतुलन से शुरू करते है तो कार्य के सभी पहलू बखूबी पूरे होते हैं। मन में शांति बनाए रखने से आप अपने काम को अपनी पूर्ण क्षमता तथा सूझ बूझ से तय सीमा मैं संपन्न कर लेते हैं |
विचार जिस प्रकार मन में उठते हैं उसी तरह के शब्द दिमाग में चलते हैं और फिर मनुष्य उसी प्रकार की बोली बोलने लगता है। उदाहरण के तौर पर आप बहुत क्रोधित हैं और उसी समय आपसे कोई पता पूछता है तो आप या एक शब्द में उत्तर देंगे या फिर नहीं बताएँगे या तो उस इंसान से झल्लाके बात करेंगे। और दूसरी ओर अगर आप बहुत प्रसन्न हैं तो पूरा पता ठीक से समझाएँगे। ऐसा होना स्वाभाविक है, इसलिए एक विचार मन में रखिए जिससे आप सब से एक जैसी बातचीत कर सकें और किसी बात का आपको बाद में अफसोस ना हो।
आप सोच रहे होंगे कि कौन अपने मन में बुरे या नकारात्मक विचार आने देता है, यह तो दिनचर्या और दूसरों के बर्ताव पर तय होता है कि हम अपने विचार कैसे रखे।
इसका भी एक साधारण और आज़माया हुआ तरीका है जिससे आप कभी भी नकारात्मक विचार को छोड़ सकते है और सुनहरे विचार अपने पास रख सकते है।
अगर सकारात्मक विचार की कुंजी जीवन में मिल जाए तो फिर जीवन सफल और आपके चेहरे पर मुस्कान हमेशा बनी रहती है।
कुंजी भी आपके पास ही है, आपके पास जैसे ही नकारात्मक विचार आए तो सोचिए क्या इससे मेरे जीवन के कुछ साल पर प्रभाव पड़ेगा? क्या आपके आने वाले समय में यह बात इतनी महत्त्वपूर्ण होगी? क्या इस बात से आपके जीवन मैं बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है? अगर "नहीं" में उत्तर आए तो इस विषय पर सोच कर अपने पारे को चढ़ाने से आपको कोई लाभ नहीं होगा। उस बात को वहीं जाने दीजिए। और अगर "हाँ" में उत्तर है तो अपने जीवन साथी, अपने परिवारजन से बात करके हल डूँढे।
यह जरूर याद रखें की हम अपने विचारों पर काबू पाना सीखें और सकारात्मक विचार धारा अपनों के आस पास भी बहने दें। दूसरों के विचारों को हमें नहीं अपनाना, बल्कि गलत विचारधारा को समाप्त करना ही हमारा उत्तम उद्देश्य होना चाहिए। ऐसा पड़ाव जीवन में कई बार आएगा जब आप अपने विचारों से डगमगाने लगेंगे परंतु आपके अच्छे विचार ही आपको वो आत्मविश्वास देंगे और मजबूती से किसी भी तरह की जटिल समस्या का सामना करने की ताकत प्रदान करेंगे।
एक कोशिश इंसान को क्या क्या नहीं सिखा देती तो क्यों ना आज से हम अपने अच्छे विचार ही मन में रखें और फिर देखें की दुनिया कितनी सुंदर दिखाई देती है।
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बचपन में जब हमारे माता पिता हमें अपने पाठ पढ़ने के लिए कहते थे तो हमें कभी कभी आलस आता था। लेकिन उन किताबों को पढ़ने में बहुत आनंद आता था जो कि स्कूल के पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं होती थी जैसे कि कॉमिक किताबें जो हास्य के साथ साथ मज़ेदार किससे भी जोड़ दिया करती थीं। और कई किताबें जिससे हमें सामान्य ज्ञान की प्राप्ति होती – वे हमें कभी तो खूब भाती और कभी नींद के झूले देती।
पुस्तक और मानव का साथ कुछ ऐसा है मानो जैसे सूरज का आसमान से। सूर्य की किरणे जैसे हमेशा हमें रोशनी देती है उसी प्रकार पुस्तकें भी हमें हमेशा कुछ ना कुछ सिखाती ही है। किताबों की नगरी में एक बार अगर कोई प्रवेश कर लेता है तो वह लौटना ही नहीं चाहता।

अगर आप बाल अवस्था से ही पुस्तक पढ़ने की आदत डाल लेते हैं तो आपको जीवन में बहुत सारा ज्ञान प्राप्त होना शुरू हो जाता है। पुस्तक आपको ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ आपके जीवन में जाना सम्भव नहीं। आप घर बैठे न जाने कहाँ तक का सफर तय कर लेते हैं, और आपके ज्ञान का भंडार धीरे - धीरे भरता चला जाता है।
ज़रूरी नहीं कि पुस्तक आपको शिक्षा ही प्रदान करे बल्कि किताबें तो आपको जीवन के पलसफ़े भी सिखा देती है। कई बार ऐसा भी होता है कि हमारी जटिल समस्याओं का हल पुस्तक में छिपा मिलता है। हम किताबों से कई नुस्खे बटोर कर अपनी जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। एक पुस्तक न जाने कितने रास्ते खोल देती है और हमें एक नई दिशा दिखाती है।
पुस्तक हमारी वो साथी बन जाती है जो हमसे कोई उम्मीद नहीं करती फिर भी ऐसी साथी जो आपका मनोरंजन करती है और साथ ही साथआपको नए शब्दकोश से परिचित करवाती है। बहुत ही अद्भुत होती हैं यह किताबें, आपको कभी भी अकेलेपन का एहसास नहीं होने देती। अपने पसंदीदा विषयों पर किताबें पढ़ना तो बहुत ही रोचक होता है।
वह जो अपने होने का एहसास दिलाती, दूर जाने पर भी याद रहती,
ऐसी एक मेरी साथी, बताओ क्या है वह कहलाती।
अगर मिले पुरस्कार में , तो भरदे खुशियाँ जीवन में ,
ऐसे कई राज़ खोलती , और मुझे कई बातें बतलाती ।
कभी बड़ों के आशीर्वाद का रूप , कभी छोटों का प्यार स्वरूप ,
अपना हाथ सदा सहलाते , इससे वह लाड जताते।
चाहे कितनी भी हो संग , जीवन में भर देती कई रंग ,
सदा कुछ नया सिखाती , पर वोह एहसान कभी न जताती।
वह एहसास उसके स्पर्श का , आज लुप्त क्यूँ कहीं हो रहा है ,
जो आनंद उसके स्पर्श का , कहीं जुदा सा हो रहा है।
ज़माना चाहे कितनी रफ़्तार से चले , चाहे पुस्तक नये रंग मे ढले ,
आज भी प्यारी हैं यह पुस्तक , जीवन की संगिनी है पुस्तक।
पुस्तक पढ़ने से आपकी रचनात्मक शक्ति तेज होती है और आप कोई भी कहानी या शिक्षा से जुड़ी कॉन्सेप्ट को एक कहानी का रूप देकर याद कर सकते हो। रचनात्मक शक्ति तेज होने से आप चीजों को जल्दी और बहुत ही सरलता से समझ लेते हो, इसका लाभ हर छात्र को होता है।
पुस्तक का ज्ञान कभी भी विफल नहीं होता, यदि पुस्तक कहानी की है तो आपको उससे मानव के कई भावनाएँ को समझने में मदद मिलती है। जीवन को एक नए सिरे से देखने का दृष्टिकोण प्राप्त होता है। और ऐसी कई बातें है जो समझाए नहीं जा सकती परंतु पढ़ने से वो तुरंत समझ आ जाती है।

हर बच्चे को पुस्तक पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होना चाहिए। यदि आपके पास कोई ऐसी पुस्तकें है जिन्हें आप पढ़ चुके हैं तो उन्हें रद्दी में ना दें, अपने आस पास रहने वाले बच्चों को दें या आपने पास स्थित पुस्तकालय को दान कर दें। ऐसा करने से आप एक पाठक को जन्म दे रहे हैं और उस पुस्तक की सराहना भी कर रहे हैं।
तो यह है पुस्तक पढ़ने के कुछ लाभ, हम यह पूर्णता से कह सकते हैं कि किताबें कभी भी बेकार नहीं जाती और एक सही किताब आपके ख़राब समय को भी अच्छा कर देती है, आगे हम आपको बताएँगे कौनसी किताब कब और कैसे पढ़ने से ज़्यादा से ज़्यादा जीवन में लाभ होता है और आप कैसे अपनी रुचि किताबों में बढ़ा सकते है।
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हर कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है उसकी सही समय पर शुरुआत, क्योंकि कोई भी कार्य जबतक सफल नहीं होता जब तक वह प्रारम्भ न हो। यह वाक्य जितना अटल है उतना ही गहरा भी।
नई शुरुआत के लिए मनुष्य कई प्रयत्न करता है, योजना बनाता है और मस्तिष्क एवं मन से बहुत सारे निर्णय भी लेता है। आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि नव काम में मेहनत के साथ साथ हिम्मत की भी बहुत आवश्यकता होती है। आईये आज हम जानें कि नई शुरुआत का हमारे जीवन में क्या महत्व है।

कोई भी काम शुरू करने से, हमारे जीवन में उमंग का आगमन होता है। मनुष्य सभी प्रकार के दुःख को पीछे छोड़ देता और उम्मीद के साथ अपने भविष्य को देखने लगता है। कार्य का बड़ा होना ज़रूरी नहीं है, कोई छोटा सा काम भी आपको खुश कर देता है। आप यह पाएँगे कि दिन चर्या में छोटा सा परिवर्तन भी नई ऊर्जा भर देता है, जैसे पुस्तक पढ़ना या खान पान में बदलाव लाना।
यह ज़रूरी नहीं की आपको आपके पहले काम में ही सफलता प्राप्त होगी परंतु आपने इतनी हिम्मत जुटाई और कुछ करने के लिए अपने मन को दृढ़ बनाया यह बहुत बड़ी बात है। सोचने से दुनिया में बदलाव आता है परंतु कार्य करने से खुद में और दुनिया में दोनो जगह बदलाव की लहरें जन्म लेती हैं। और इसी तरह आपने अपने डर को हराकर कार्य करने की जीत को हासिल किया है।
काम की नई शुरुआत यह दर्शाती है कि आपने अपने सपनों की ओर पहला कदम रखा है। आपकी एकाग्रता और समझदारी से आपने अपने कदम नई दिशा की ओर मोड़े है। ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास मज़बूत होता है और जीवन में हर दिन एक नया जोश भर जाता है। जैसे बच्चा पहला कदम लेकर बहुत प्रसन्न होता है और हर कदम उसी मुस्कान के साथ लेता है, बिल्कुल इसी प्रकार से हमें भी अपने पहले कदम को हँसते हुए लेना चाहिए और उसके आगे भी उम्मीद का दामन पकड़े आगे बढ़ते रहना चाहिए।
जबतक हम कोई काम नहीं करते हमें यह नहीं पता होता कि हम उसे करने के योग्य है या नहीं। इसका एक ही हल है उस काम को करना। मनुष्य कोई भी काम करने से पहले घबराता है पर हिम्मत जुटा कर जब उसे करता है तो खूद ही ताज्जुब करता है अपनी क्षमताओं पर। जैसे अक्सर अकेले यात्रा करना, या पहली बार वाहन चलाना बहुत कठिन लगते है परंतु जब आप एक बार इन्हें करते है तो आपका आत्मविश्वास बहुत ऊँचा हो जाता है।
काफ़ी बार ऐसा होता है की हम सही समय का इंतज़ार करते रहते हैं और अपने काम को टालते रहते है यह सोचकर कि अभी सही समय नहीं आया है। परंतु ऐसा होता नहीं है, हमें सही समय स्वयं बनाना पड़ता है और मन में विश्वास रख कर आगे बढ़ना पढ़ता है।
हम प्रतिदिन एक ही प्रकार की दिनचर्या से ऊब जाते हैं और वही कार्य को निरंतर करने से कतराते हैं । जीवन में अगर थोड़ा सा भी नयापन आप जोड़ दें तो दिन बहुत ही रोचक हो जाता है। जैसे उदाहरण के तौर पर कमरे में चीजों की जगह बदल देना या नए तरह की चाय पीना या फिर नई क्रिया का करना – सैर पर जाना इत्यादि। यह सभी काम आपके जीवन में नयेपन को बनाए रखते हैं।

हर कार्य को प्रारम्भ करने से भी ज्यादा जरूरी है खुद पर विश्वास रखना और अच्छी सोच को अपना साथी बनाना। नई शुरुवात के अंकुर को अपनी लगन से सींचकर ही हम अपनी मंज़िल पा सकते हैं। हमारे छोटे छोटे प्रयास हमें अग्रसर करते हैं नई पहचान की ओर, नई उमंगों की ओर, नए विश्वास की ओर। तो देखिए और पहचानिए उन क्रियाओं को जिसको कभी आपने सम्पन्न करने का सोचा या खोलिये अपने सपनों के पिटारों को क्योंकि वहीं छुपी है आपके नई शुरुआत की पहली कड़ी।
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