बचपन में जब हमारे माता पिता हमें अपने पाठ पढ़ने के लिए कहते थे तो हमें कभी कभी आलस आता था। लेकिन उन किताबों को पढ़ने में बहुत आनंद आता था जो कि स्कूल के पाठ्यक्रम से संबंधित नहीं होती थी जैसे कि कॉमिक किताबें जो हास्य के साथ साथ मज़ेदार किससे भी जोड़ दिया करती थीं। और कई किताबें जिससे हमें सामान्य ज्ञान की प्राप्ति होती – वे हमें कभी तो खूब भाती और कभी नींद के झूले देती।

पुस्तक और मानव का साथ कुछ ऐसा है मानो जैसे सूरज का आसमान से। सूर्य की किरणे जैसे हमेशा हमें रोशनी देती है उसी प्रकार पुस्तकें भी हमें हमेशा कुछ ना कुछ सिखाती ही है। किताबों की नगरी में एक बार अगर कोई प्रवेश कर लेता है तो वह लौटना ही नहीं चाहता।

pustak ki visheshta

Pustak gyan ka bhandaar

ज्ञान का भण्डार

अगर आप बाल अवस्था से ही पुस्तक पढ़ने की आदत डाल लेते हैं तो आपको जीवन में बहुत सारा ज्ञान प्राप्त होना शुरू हो जाता है। पुस्तक आपको ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ आपके जीवन में जाना सम्भव नहीं। आप घर बैठे न जाने कहाँ तक का सफर तय कर लेते हैं, और आपके ज्ञान का भंडार धीरे - धीरे भरता चला जाता है।

समाधानों की कुंजी

ज़रूरी नहीं कि पुस्तक आपको शिक्षा ही प्रदान करे बल्कि किताबें तो आपको जीवन के पलसफ़े भी सिखा देती है। कई बार ऐसा भी होता है कि हमारी जटिल समस्याओं का हल पुस्तक में छिपा मिलता है। हम किताबों से कई नुस्खे बटोर कर अपनी जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। एक पुस्तक न जाने कितने रास्ते खोल देती है और हमें एक नई दिशा दिखाती है।

अनोखी साथी

पुस्तक हमारी वो साथी बन जाती है जो हमसे कोई उम्मीद नहीं करती फिर भी ऐसी साथी जो आपका मनोरंजन करती है और साथ ही साथआपको नए शब्दकोश से परिचित करवाती है। बहुत ही अद्भुत होती हैं यह किताबें, आपको कभी भी अकेलेपन का एहसास नहीं होने देती। अपने पसंदीदा विषयों पर किताबें पढ़ना तो बहुत ही रोचक होता है।

Jeevan ki sangini hai pustak

जीवन की संगिनी है पुस्तक

वह जो अपने होने का एहसास दिलाती, दूर जाने पर भी याद रहती,

ऐसी एक मेरी साथी, बताओ क्या है वह कहलाती।

अगर मिले पुरस्कार में , तो भरदे खुशियाँ जीवन में ,

ऐसे कई राज़ खोलती , और मुझे कई बातें बतलाती ।

कभी बड़ों के आशीर्वाद का रूप , कभी छोटों का प्यार स्वरूप ,

अपना हाथ सदा सहलाते , इससे वह लाड जताते।

चाहे कितनी भी हो संग , जीवन में भर देती कई रंग ,

सदा कुछ नया सिखाती , पर वोह एहसान कभी न जताती।

वह एहसास उसके स्पर्श का , आज लुप्त क्यूँ कहीं हो रहा है ,

जो आनंद उसके स्पर्श का , कहीं जुदा सा हो रहा है।

ज़माना चाहे कितनी रफ़्तार से चले , चाहे पुस्तक नये रंग मे ढले ,

आज भी प्यारी हैं यह पुस्तक , जीवन की संगिनी है पुस्तक।

रचनात्मक शक्ति में बढ़ोतरी

पुस्तक पढ़ने से आपकी रचनात्मक शक्ति तेज होती है और आप कोई भी कहानी या शिक्षा से जुड़ी कॉन्सेप्ट को एक कहानी का रूप देकर याद कर सकते हो। रचनात्मक शक्ति तेज होने से आप चीजों को जल्दी और बहुत ही सरलता से समझ लेते हो, इसका लाभ हर छात्र को होता है।

समझदारी सिखाती

पुस्तक का ज्ञान कभी भी विफल नहीं होता, यदि पुस्तक कहानी की है तो आपको उससे मानव के कई भावनाएँ को समझने में मदद मिलती है। जीवन को एक नए सिरे से देखने का दृष्टिकोण प्राप्त होता है। और ऐसी कई बातें है जो समझाए नहीं जा सकती परंतु पढ़ने से वो तुरंत समझ आ जाती है।

pustak jeean ki neev

हर बच्चे को पुस्तक पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होना चाहिए। यदि आपके पास कोई ऐसी पुस्तकें है जिन्हें आप पढ़ चुके हैं तो उन्हें रद्दी में ना दें, अपने आस पास रहने वाले बच्चों को दें या आपने पास स्थित पुस्तकालय को दान कर दें। ऐसा करने से आप एक पाठक को जन्म दे रहे हैं और उस पुस्तक की सराहना भी कर रहे हैं।

तो यह है पुस्तक पढ़ने के कुछ लाभ, हम यह पूर्णता से कह सकते हैं कि किताबें कभी भी बेकार नहीं जाती और एक सही किताब आपके ख़राब समय को भी अच्छा कर देती है, आगे हम आपको बताएँगे कौनसी किताब कब और कैसे पढ़ने से ज़्यादा से ज़्यादा जीवन में लाभ होता है और आप कैसे अपनी रुचि किताबों में बढ़ा सकते है।

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